क्या भारत में आज लोकतंत्र है ?
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उत्तर: – एक दृश्टि से तो बिलकुल ही गलत है। एक सिद्धान्त है ठीक-ठीक समझ लो । देश का नालायक नेता जब देश को सही दिषा में नही ले जा पाता है तो देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए वो लोगो को ऐसे ही किसी न किसी राष्ट चिन्ह में उलझा देता है
प्रश्न : – क्या किसी देश में जो उसी देश के झण्डे़ं जगह-जगह लगाए जाते है वो ठीक है? Read More »
परमात्मा: – नहीं ! क्योकि फिर तो कोई कर्म करने की आवश्यकता ही नहीं होती। और यही तो कारण है भारत के दुर्भाग्य का।यहाँ वो भी गलत है जो मानता है की सभी कुछ भाग्य द्वारा होता है , और वो भी गलत है जो मानता है कि सभी कुछ सरकारों की या देश की
क्या हमारा पूरा जीवन पहले से ही निर्धारित है ? Read More »
परमात्मा –भारत छोड़ो , विश्व भर में कोई भी राष्ट किसी भी धर्म का नहीं होना चाहिए। राष्ट एक भूखंड के टुकड़े का नाम होता है और धर्म एक जीवित व्यक्ति के भीतर की आग का नाम होता है। धर्म राष्ट का नहीं होता। अगर राष्ट धार्मिक हो सकता तो कृष्ण , बुद्ध , महावीर
क्या भारत को हिन्दू राष्ट बनाना चाहिए? Read More »
उत्तर: – अमेरिका , रुस ने आज से 54 वर्ष पहले चांद पर अपने सांइसटिस्ट भेजें और जल्द ही उन्होनें यह मान लिया की अब बार-बार चांद पर जाकर समय और पैसे की बर्बादी नही करनी चाहिए। 21 जुलाई 1969 को जब नील आर्मस्टांग चांद पर उतरा उस समय तो शायद दुनिया के अन्य पिछडे़ं
क्या भारत ने जो चांद पर अपने राकेट भेजें वो ठीक है या नही ? Read More »